दिल्ली शहर कि सुनसान गली में एक पोशाक कि दुकान थी! जहां पुराने जमाने के अजीब ट्रेंडी पोशाक मिलते थे! वह दुकान केवल रात के 11 बजे से 3 बजे तक खुलती थी,जो कि लोगों को बहुत ही अजीब लगता था! दुकान का Owner अविनाश कम बोलने वाला ओर अपने काम से काम रखने वाला लड़का था! एक रात उसकी दुकान पर फैशन डिजाइन कि Student अन्वी,पोशाक देखने आती है!अविनाश बाकी लोगों को पोशाक दिखा रहा था, लेकिन अन्वी उसकी रैशनल पर्सनालिटी से आकर्षित हो,उससे प्यार करने लगती है! अब अन्वी हर रात आती,कभी डिजाइन पूछने कभी यूं ही,लेकिन उसे अविनाश पर शक था, क्योंकि वो दिन मैं कभी दिखाई नहीं देता और कभी वो जैसे ही उसे छूती,उसके हाथ तुरंत ठंडे पड़ जाते! एक रात अन्वी साड़ी पहन रही थी,उसने देखा अविनाश सामने दिखाई दे रहा लेकिन आइने मैं नहीं,वो डरी लेकिन वो अविनाश के गले लग गई,बोली..अविनाश मुझे भी अपनी तरह Vampire बना लो! अविनाश उसकी गर्दन पर काट उसे अपने जैसा बना लेता है! अब दोनों मिलकर दुकान चलाते है!
